महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय के प्रथम दीक्षांत समारोह में सोमवार को भारतीय संस्कृति की पूरी झलक दिखाई देगी। समारोह के लिए जो ड्रेस कोड रखा है, उसमें साफा बांधा जाएगा। साफा बांधने के लिए उज्जैन के अलावा इंदौर से विशेषज्ञों को बुलवाया है।
अभिलाषा कॉलोनी के सामने बने विश्वविद्यालय परिसर में दोपहर 3 बजे से समारोह की शुरुआत होगी। 17 अगस्त 2008 से शुरू हुए विश्वविद्यालय का यह प्रथम दीक्षांत समारोह है। कुलपति डॉ. पंकज लक्ष्मण जानी ने बताया समारोह में उपाधियां व मेडल पाने वाले छात्रों के लिए सफेद कुर्ता व धोती एवं छात्राओं के लिए गुलाबी रंग की साड़ी का ड्रेस कोड रखा गया है। इन्हें साफा भी पहनाया जाएगा। पीएचडी उपाधियां लेने वालों को नारंगी रंग का साफा, स्नातक के विद्यार्थियों को केसरिया साफा आैर पोस्ट ग्रेजुएशन के विद्यार्थियों को पीले रंग का साफा पहनाया जाएगा। साफा बांधने के लिए उज्जैन के 4 विशेषज्ञों के अलावा इंदौर से भी 5 लोगों का दल बुलवाया है। छात्राएं संबंधित रंग का उत्तरीय वस्त्र पहनेंगी। समारोह स्थल पर बारिश से बचाव के लिए वाटर प्रूफ डोम बनाया है। जिला प्रशासन की ओर से 50 कुर्सियां अलग से भी लगवाई गई हैं।
अभिलाषा कॉलोनी के सामने बने विश्वविद्यालय परिसर में दोपहर 3 बजे से समारोह की शुरुआत होगी। 17 अगस्त 2008 से शुरू हुए विश्वविद्यालय का यह प्रथम दीक्षांत समारोह है। कुलपति डॉ. पंकज लक्ष्मण जानी ने बताया समारोह में उपाधियां व मेडल पाने वाले छात्रों के लिए सफेद कुर्ता व धोती एवं छात्राओं के लिए गुलाबी रंग की साड़ी का ड्रेस कोड रखा गया है। इन्हें साफा भी पहनाया जाएगा। पीएचडी उपाधियां लेने वालों को नारंगी रंग का साफा, स्नातक के विद्यार्थियों को केसरिया साफा आैर पोस्ट ग्रेजुएशन के विद्यार्थियों को पीले रंग का साफा पहनाया जाएगा। साफा बांधने के लिए उज्जैन के 4 विशेषज्ञों के अलावा इंदौर से भी 5 लोगों का दल बुलवाया है। छात्राएं संबंधित रंग का उत्तरीय वस्त्र पहनेंगी। समारोह स्थल पर बारिश से बचाव के लिए वाटर प्रूफ डोम बनाया है। जिला प्रशासन की ओर से 50 कुर्सियां अलग से भी लगवाई गई हैं।